केवल 11 साल की उम्र में ताइक्वांडो में थर्ड डिग्री ब्लैक बेल्ट हासिल कर इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स में पाया स्थान

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नई दिल्ली: आज़ाद सुजन पारिख ताइक्वांडो में थर्ड डिग्री ब्लैक बेल्ट हासिल करने वाले सबसे कम उम्र के बच्चे हैं। उसका जन्म 01 मार्च, 2008 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था। उसने 28 नवंबर, 2019 को केवल 11 साल 8 महीने और 27 दिनों की उम्र में, दक्षिण कोरिया (पूम सर्टिफिकेट) से तायक्वोंडो में थर्ड डैन ब्लैक बेल्ट प्रमाणपत्र हासिल किया, इस उपलब्धि के लिए उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।

आज़ाद के कोच मास्टर शिवराम मकवाना का मार्गदर्शन उसके लिए इस खिताब को हासिल करने की सबसे बड़ी प्रेरणा है। वह केवल 4 साल की उम्र से ताइक्वांडो कर रहा है।

आजाद का कहना है कि “मैं दुनिया की दसवीं ताईक्वांडो संस्कृति एक्सपो में भाग लेने के लिए कोरिया की अंतिम मिनट की यात्रा पर निकला था। मैं प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षण और प्रदर्शन को देखकर चकित रह गया था। यह सभी लाइव देखना बहुत ही प्रेरणादायक था।”

कभी कभी लड़ने के लिए साथी चुनना बहुत मुश्किल हो जाता है और वेहताब चुनौतीपूर्ण होजाता है जब आपके साथ लड़ने वाला आपके जैसी ही लम्बाई और वज़न का हो। आज़ाद प्रतियोगिता के लिए तो जाता था लेकिन दूसरी तरफ वह अपने स्कूल को भी बहुत मिस करता था। 

कोच, मास्टर शिवराम मकवाना कहते हैं कि “आजाद पारिख ने नवंबर 2019 में अपनी थर्ड डिग्री ब्लैक बेल्ट हासिल की और यूनिवर्सल ताइक्वांडो फेडरेशन और आजाद पारिख ने 2017 में आयोजित यूटीएफ की चौथा अंतर्राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक भी हासिल किया, पूमसे में सिल्वर और ब्रोंज पदक और कयोरुगी इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2018 में दक्षिण कोरिया में दुनिया भर में विभिन्न प्रतिभागियों के साथ मुकाबला किया। आजाद एक बहुत ही होनहार छात्र हैं, जिसमें बहुत सारी ईमानदारी और कठिन प्रशिक्षण लेने का साहस है ।”

आज़ाद सबको कहना चाहते है कि सभी को सेल्फ डिफेन्स के लिए मार्शल आर्ट्स सीखनी चाहिए और पदक और पुरस्कार के बारे में न सोच कर अपनी सुरक्षा का ख्याल रखने के मार्शल आर्ट्स को प्राथमिकता देनी चाहिए। 

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